हरिद्वार। श्यामपुर गांव में पिछले करीब एक सप्ताह से पेयजल आपूर्ति ठप होने से हालात बिगड़ गए हैं। करीब ढाई से तीन हजार की आबादी जल संकट से जूझ रही है। लोगों को सुबह-शाम पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। पानी की किल्लत ने ग्रामीणों की दिनचर्या को प्रभावित हो रही है। जलापूर्ति बंद रहने के कारण ग्रामीणों को हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ रहा है।
इनमें कई हैंडपंप सूख चुके हैं। कुछ रखरखाव के अभाव में पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहे हैं। जल जीवन मिशन के तहत लगाए गए कनेक्शनों की टंकियां भी सूख चुकी हैं। इससे लोग सीमित जल स्रोतों पर निर्भर हो गए हैं। पानी की कमी का सबसे ज्यादा असर गृहणियों और कामकाजी महिलाओं पर पड़ रहा है।
घरेलू कामकाज के साथ पीने के पानी की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है। ग्रामीण चंद्रशेखर, पवन कुमार, मेघराज सिंह और विकास का कहना है कि लंबे समय से जल आपूर्ति बाधित है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। जल संस्थान के अवर अभियंता दीपक भट्ट ने बताया कि पंप हाउस के इलेक्ट्रिक कंट्रोल पैनल में शॉर्ट सर्किट होने से उपकरण खराब हो गए थे।
जांच में मोटर भी खराब मिली। इसे बदल दिया गया है। फिलहाल पैनल लोड नहीं उठा पा रहा है। उसे बदलने की प्रक्रिया जारी है। पैनल बदलते ही जलापूर्ति सुचारु करने का प्रयास किया जाएगा।