हरिद्वार। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने कहा है कि शांतिकुंज आज पूरे विश्व को मानवता का पाठ पढ़ा रहा है। शताब्दी समारोह का समापन नहीं, बल्कि नए युग का आरंभ है। साधना का यह संदेश समाज में परिवर्तन ला रहा है। बैरागी कैंप में गायत्री परिवार के अखंड ज्योति और मां भगवती देवी जन्म शताब्दी समारोह के तहत मातृ समर्पण यात्रा एवं समापन समारोह में आस्था, साधना और संस्कृति का संगम देखने को मिला। इस अवसर पर राज्यपाल गुरमीत सिंह और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पहुंचे थे।
इसकी शुरुआत अखंड ज्योति के दर्शन के साथ हुई। इसके बाद राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2047 में जब भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब वह विकसित, आत्मनिर्भर और विश्वगुरु के रूप में स्थापित होगा। युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य युगदृष्टा थे और उनका यह गायत्री परिवार देश-विदेश में फैला हुआ है। इस शताब्दी समारोह के जरिये मातृत्व, तप, त्याग, करुणा और समर्पण का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचा है। इस अवसर पर डॉ. विनय रोहेला, दुर्गाशंकर मिश्र, पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिला मंत्री संजीव चौधरी, धर्मेंद्र चौहान, हीरा सिंह बिष्ट, भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रंजना चतुर्वेदी सहित कई लोग मौजूद रहे।
मैं मंत्री नहीं, साधक बनकर आया हूं: चौहान इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भावुक स्वर में कहा कि वे यहां मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि शिष्य, भक्त, साधक और सेवक बनकर आए हैं। उन्होंने कहा कि शांतिकुंज से तृप्त हुए बिना जाना जीवन को अधूरा छोड़ने जैसा है। अखंड ज्योति पत्रिका का हर शब्द मंत्र है। अखंड ज्योति में गुरुदेव और गुरुमाता के साक्षात दर्शन होते हैं।