हरिद्वार। श्यामपुर क्षेत्र में बंदरों की लगातार बढ़ती संख्या से जनजीवन प्रभावित हो रहा है और किसान भी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। बंदरों की टोलियां घरों में घुसकर रसोई और फ्रिज से सामान निकाल रही हैं, जबकि खेतों में खड़ी फसल और सब्जियां नुकसान झेल रही हैं। बच्चों और बुजुर्गों पर हमले की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में नगर निगम हरिद्वार द्वारा शहर से पकड़े गए बंदरों को श्यामपुर क्षेत्र में छोड़े जाने के बाद उनकी संख्या बढ़ी है। कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर दावा किया कि चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर लाए जाने वाले बंदरों को बंध्याकरण के बाद उनके मूल स्थान के बजाय श्यामपुर क्षेत्र के आसपास छोड़ा जा रहा है।
बंदरों से संबंधित समस्या का मुद्दा हाल ही में आर्य नगर में आयोजित जनता की सरकार-जन-जन के द्वार कार्यक्रम में भी उठ चुका है।किसान धर्मपाल के अनुसार बंदरों के बढ़ते आतंक से कई किसानों ने खेती कम कर दी है। वहीं वन क्षेत्राधिकारी, श्यामपुर के विनय राठी ने बताया कि बंदरों से जुड़ी कार्रवाई रेस्क्यू सेंटर के अधिकार क्षेत्र में आती है, जो समय-समय पर क्षेत्र में टीम भेजकर बंदरों को पकड़ते हैं तथा बंध्याकरण के बाद उन्हें नियमानुसार उपयुक्त स्थान पर छोड़ा जाता है।