युवाओं को व्यसन छोड़ सृजन में लगना चाहिए : शैलदीदी

हरिद्वार।  गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के युवाओं के लिए दो दिवसीय युवा जागरण शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविर में 300 से अधिक युवा शामिल हुए हैं। इनमें आईएएस-पीसीएस अधिकारियों के साथ भारत सरकार और विभिन्न राज्यों में उच्च पदों पर सेवाएं दे रहे युवा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे प्रतिभागी शामिल हैं। शिविर में युवाओं को व्यक्तित्व निर्माण, व्यसनमुक्ति, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन दिया जा रहा है। गायत्री विद्यापीठ की प्रबंधिका शैफाली पंड्या ने दीप प्रज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया।

सामूहिक दीप प्रज्वलन के बाद संगीत विभाग की बहनों ने ‘राष्ट्र के जागरण का समय आ गया’ प्रज्ञागीत प्रस्तुत किया।शिविर से पूर्व युवाओं ने अखिल विश्व गायत्री परिवार की अभिभाविका श्रद्धेया शैलदीदी से भेंट कर उनका मार्गदर्शन और आशीर्वाद लिया। शैलदीदी ने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। युवाओं को व्यसन और नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहकर अपनी ऊर्जा सृजनात्मक कार्यों में लगानी चाहिए। संस्कारित और जागरूक युवा ही समाज और राष्ट्र को नई दिशा दे सकते हैं। शैफाली पंड्या ने जन्मशताब्दी वर्ष के संदर्भ में वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के जीवन और आदर्शों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने युवाओं को उपासना, साधना और आराधना को जीवन का आधार बनाने तथा गायत्री महामंत्र और युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के जीवन सूत्रों को व्यवहार में उतारने के लिए प्रेरित किया। आशीष सिंह ने युवाओं से संस्कारित जीवन अपनाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के साथ राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। परमानंद द्विवेदी ने युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने तथा दूसरों को भी व्यसनमुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने का संकल्प कराया। शिविर में दिया (डिवाइन इंडिया यूथ एसोसिएशन) से जुड़े युवा प्रतिभागी व्यक्तित्व विकास, सकारात्मक सोच, अनुशासन, सेवा भावना और रचनात्मक कार्यों के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के नव निर्माण में योगदान देने का प्रशिक्षण ले रहे हैं।

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