दिल्ली/देहरादून: 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर क्यूरा (Cura) ने अपने नए अभियान #SharirBoltaHai की शुरुआत की है। यह अभियान इस बात पर केंद्रित है कि भारतीय अक्सर स्वास्थ्य संबंधी शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज करते हैं और गंभीर रिपोर्ट आने के बाद ही ध्यान देते हैं।
अभियान का संदेश स्पष्ट है: शरीर बोलता है, सुनना सीखिए। आयुष मंत्रालय के आयुर्वेद दिवस 2026 की थीम “एक स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद” से प्रेरित यह अभियान लोगों को समय रहते अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का प्रयास करता है।
क्यूरा के कार्यकारी निदेशक आदित्य मिहिर ने कहा: “26 वर्षों के अनुभव और 3,000 से अधिक डॉक्टरों के भरोसे के साथ, हमारा उद्देश्य लोगों का स्वास्थ्य के प्रति नजरिया बदलना है। हम अपने सभी 5 विनिर्माण संयंत्रों में 100% सौर ऊर्जा का उपयोग करते हैं और हर 48 घंटे में SS-ग्रेड केटल्स में ताजा फॉर्मुलेशन तैयार करते हैं।”
प्रमुख स्वास्थ्य क्षेत्र और उत्पाद range:
● लिवर स्वास्थ्य: अमृता लिव जूस (मुख्य फॉर्मूला), भूमि आंवला जूस, पुनर्नवा मकोय जूस।
● पाचन स्वास्थ्य: गट हेल्थ जूस (मुख्य फॉर्मूला), उदर अमृत जूस, त्रिफला एलोवेरा जूस।
● बवासीर (Piles) की देखभाल: अर्श क्यूरा।
● अन्य 6 प्रमुख वर्ग:
○ डायबिटीज: शुगर क्यूरा, एडवांस्ड डायबिक केयर, नीम करेला जामुन, करेला जामुन, जामुन और विजयसार जूस।
○ हृदय स्वास्थ्य: हार्ट फिटनेस, बी.पी. केयर, हार्ट क्योर और कोलेस्ट्रॉल केयर जूस।
○ फेफड़े (Lungs): अस्थमा केयर जूस।
○ किडनी: पाथेरोल चूर जूस।
○ मस्तिष्क (Brain): शंखपुष्पी विथ ब्राह्मी जूस।
○ जोड़ों का दर्द: पारिजात/हरसिंगार जूस।
क्यूरा आयुर्वेदिक एंड यूनानी लिमिटेड के बारे में:
1999 में गाजियाबाद से शुरू हुई क्यूरा के पास 500 से अधिक उत्पादों का पोर्टफोलियो और 65 से अधिक पेटेंटेड फॉर्मुलेशन हैं। यह भारत की पहली जीरो-फॉसिल-फ्यूल, पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित आयुर्वेदिक निर्माता कंपनी है, जो ISO-GMP, ISO 9001:2015 और NABL प्रमाणित प्रयोगशाला के साथ काम करती है।