बच्चा चोरी का ‘स्क्रिप्ट राइटर’: मेरठ से शुरू हुई हरिद्वार की सनसनी

रुड़की। कलियर से चोरी हुए बच्चे के मामले में बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। मुख्य साजिशकर्ता कोई और नहीं अस्पताल की पैसेंट कॉर्डिनेटर है। जिसने एक कारोबारी की मांग पर अपने से जुड़ी तीन महिलाओं को बच्चा चोरी करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। पुलिस इन सभी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया। वहीं एक लाख रुपये की नकदी और बच्चा पुलिस ने बरामद किया है।

सिविललाइंस कोतवाली में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि कुरैशी नगर जिला अमरोह, उप्र निवासी जहीर अंसारी अपनी पत्नी शमा, पांच साल की बेटी तथा तीन माह के बेटे अबुजर के साथ कलियर में दरगाह साबिर पाक पर चादर चढ़ाने आया था। शनिवार की अल सुबह करीब तीन बजकर चालीस मिनट वह चाय पीने गया था। इसी दौरान उसका बच्चा चोरी हो गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की थी।

पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे के आधार पर एक स्विफट कार को चिन्हित कर मेरठ से आस मोहम्मद, उसकी पत्नी शहनाज निवासी कंचनवाला पुल, अहमदनगर गंली नंबर नंबर 22 मेरठ, सलमा निवासी श्यामनगर मेरठ्र अंचन निवासी सीएमओ कंपाउंड, मेरठ, उप्र, नेहा शर्मा निवासी शास्त्रीनगर, मेरठ्, विशाल गुप्ता निवासी सैनिक विहर, कंकरखेडा मेरठ को गिरफ्तार किया। पुलिस ने लापता हुए बच्चे को सकुशल बरामद किया। साथ ही आरोपितों से एक लाख की नकदी बरामद की। एसएसपी ने बताया कि बच्चा चोरी की कहानी मेरठ के प्रूेम अस्पताल से शुरू हुई थी। ईंट कारोबारी विशाल गुप्ता दस साल से निसंतान थे।

अस्पताल में उनका और उनकी पत्नी का उपचार चल रहा था। इसी दौरान उन्होंने अस्पताल की पैसेंट कॉर्डिनेटर नेहा शर्मा से किसी गरीब का बच्चा पालने की इच्छा जताई थी। जिस पर नेहा ने अपनी अंचन के साथ बच्चा चोरी की योजना बनाई। अंचन के कहने पर सलमा, शहनाज और उसका पति आसमोहम्मद कलियर पहुंचे थे। यहां पर सलमा और शहनाज ने जहीर और उसके परिवार से घुलमिलकर बच्चा चोरी कर लिया और वहां से फरार हो गये। पुलिस ने एक लाख की रकम भी बरामद की है। बाकी की रकम से आरोपितों ने स्कूटी और अन्य सामान खरीदा था। पुलिस ने आरोपितों को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया। एसएसपी ने बताया कि पुलिस टीम को डीजीपी और उनकी तरफ से इनाम दिया गया है।

कारोबारी ने दिये थे 4.90 लाख रुपये

रुड़की: कलियर से बच्चा चोरी करने के बाद आस माेहम्मद, उसकी पत्नी शहनाज और सलमा मेरठ पहुंची थी। इन्होंने अंचन को बच्चा मिलने की बात कही थी। अंचन ने नेहा को बच्चा मिलने की जानकारी दी। इसके बाद नेहा ने कारोबारी से 4.90 लाख रुपये की रकम ली। नेहा शर्मा ने एक लाख रुपये अपने पास रख कर 3.90 लाख रुपये अंचन को दिये। अंचन ने अपने पास 90 हजार रुपये रख कर तीन लाख रुपये आगे दे दिये। बाकी के तीन लोगोेें ने एक-एक लाख रुपये अपने पास रख लिये।

हमारे लिए तो भगवान और अल्लाह पुलिस है साहब

रुड़की: एसएसपी ने प्रेसवार्ता में जब पीड़ित जहीर अंसारी और उसकी पत्नी को बुलाया तो वह बच्चे को गोद में लेकर रोने लगा। उसके आंखों में आंसू आ गये। उसने एसएसपी को बताया कि उसके पांच साल की बेटी है। साबिर पाक की कृपा से उसे बेटा हुआ। वह इसके चलते ही दरगाह में चादर चढ़ाने आया था। तीन दिन तक वह राेता रहा। बेटा मिलने के बाद उसने एसएसपी से कहा कि मुझ गरीब के लिए तो पुलिस ही भगवान और अल्लाह है। यह सुनकर सभी की आंखे नम हो गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *