अर्द्धकुंभ 2027 से पहले अखाड़ा परिषद में फिर दो फाड़

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में 2027 कुंभ मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। केंद्र से 500 करोड़ का बजट जारी हुआ है। हालांकि, अखाड़ा परिषद में दो गुट बन गए हैं। बैठक में केवल पांच अखाड़ों के साधु-संत शामिल हुए

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में 2027 कुंभ को पूर्ण कुंभ की तर्ज पर आयोजित करने की तैयारी चल रही है। केंद्र से 500 करोड़ का बजट जारी हो गया है। इन तैयारियों के बीच अखाड़ा परिषद में फिर से दो फाड़ नजर आई। हालांकि बैठक मेला प्रशासन की ओर से आयोजित की गई थी। इसमें सभी 13 अखाड़ों के दो-दो प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था। मेला नियंत्रण भवन में बैठने की व्यवस्था भी उसी के अनुसार की गई थी। बैठक में केवल एक गुट के पांच अखाड़ों के साधु-संत ही शामिल हुए। अन्य आठ अखाड़ों के साधु-संत बैठक में नहीं पहुंचे।

बैठक शुरू होने के आधे घंटे बाद साधु-संतों की खाली कुर्सी के आगे रखी अखाड़ों की नेम प्लेट हटा दी गई। उन कुर्सियों पर अधिकारियों को बैठा दिया गया। हालांकि बैठक में शामिल साधु संतों ने किसी भी प्रकार की गुटबाजी से इनकार किया। सभी साधु-संतों ने कहा कि इस समय होलाष्टक लग गया है। इस कारण अन्य अखाड़ों के साधु-संत बैठक में उपस्थित नहीं हो पाए हैं। कहा कि 2027 अर्द्धकुंभ को लेकर सभी अखाड़ों के साधु-संत एक हैं। अगली बैठक सभी अखाड़ों के साधु संत अवश्य शामिल होंगे। बैठक में उपस्थित रहे पांच अखाड़ों के साधु-संत बैठक में निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज, जूना अखाड़े के अंतराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरी महाराज, अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता नारायण गिरी महाराज, महेश पुरी, कंचन गिरी और महेश पुरी, आह्वान अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत सत्यगिरि महाराज, श्रीमहंत दुर्गा गिरी महाराज, अग्नि अखाड़े से श्रीमहंत साधनानंद गिरी जी महाराज, श्रीमहंत महादेवानंद गिरी महाराज और आनंद अखाड़े से श्रीमहंत धनराज गिरी महाराज उपस्थित रहे। सभी साधु संतों ने कुंभ मेले से जुड़े सुझाव मेला प्रशासन के सामने रखे।

क्या बोले संत

मेला प्रशासन की ओर से बैठक बुलाई गई थी, जिसका निमंत्रण मिला था। समय के अभाव में बैठक में उपस्थित नहीं हो पाया। होली के बाद फिर से बैठक बुलाई गई तो उसमें उपस्थित होकर मेले पर चर्चा की जाएगी। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज, सचिव, महानिर्वाणी अखाड़ा हरिद्वार में 2027 अर्द्धकुंभ मेले को लेकर सभी अखाड़ों के साधु-संत एकजुट हैं। दिव्य, भव्य और सुरक्षित कुंभ का आयोजन किया जाएगा। होलाष्टक के चलते सभी अखाड़ों के साधु संत बैठक में उपस्थित नहीं हो पाए। जल्द ही अगली बैठक में सभी अखाड़ों के साधु संत शामिल होंगे। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज, सचिव, निरंजनी अखाड़ा कुंभ मेले की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। सभी साधु संतों को बैठक में बुलाया गया था लेकिन होली के त्योहार के कारण सभी अखाड़ों के साधु-संत बैठक में शामिल नहीं हो पाए। जल्द ही अगली बैठक होगी। इसमें सभी साधु-संतों को बुलाया जाएगा। सभी साधु-संतों के साथ मिलकर भव्य कुंभ की तैयारियां की जाएंगी। सोनिका कुंभ मेलाधिकारी

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