हरिद्वार। टिहरी बांध और श्रीनगर बांध से भागीरथी और अलकनंदा नदी में पानी की निकासी घट रही है। इस वजह से पहाड़ी क्षेत्रों से भीमगोड़ा बैराज पर रोजाना 14078 क्यूसेक पानी कम पहुंच रहा है। पानी घटने के बाद निचले इलाकों में सिंचाई के लिए मांग के अनुरूप जल की निकासी नहीं हो रही है। साथ ही, हरकी पैड़ी और गंगा घाटों पर पानी की मात्रा कम हो गई है। टिहरी बांध से भागीरथी नदी और श्रीनगर बांध से अलकनंदा नदी में पानी की निकासी होती है। देवप्रयाग से यह पानी ऋषिकेश और ऋषिकेश पशुलोक बैराज से भीमगोड़ा बैराज तक पहुंचता है।
सामान्य दिनों में रोजाना बैराज पर न्यूनतम 25000 क्यूसेक पानी पहुंचता है। लेकिन हाल के दिनों में पानी की मात्रा घट रही है। वर्तमान में रोजाना बैराज पर 10922 क्यूसेक पानी पहुंच रहा है। भीमगोड़ा बैराज की 766000 क्यूसिक की कैपेसिटी है, लेकिन पानी का इनफ्लो घटने के बाद पानी की मात्रा कम पड़ रही है। इनफ्लो घटने के बाद उत्तर प्रदेश के निचले इलाकों में खेतों की सिंचाई के लिए निर्धारित मात्रा में पानी नहीं पहुंच रहा है। निचले इलाकों में खेतों की सिंचाई के लिए 13000 क्यूसेक पानी की मांग बनी हुई है, लेकिन बैराज से गंगनहर में 9500 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है।