हरिद्वार। ज्वालापुर में एक सुनार ने 12 साल पहले गिरवी रखे गए सोने के आभूषण लौटाने से इनकार कर दिया। आभूषण छुड़ाने के लिए दो लाख रुपये भी दिए हुए। इसके बावजूद सुनार और उसके बेटे ने जेवर देने से मना किया। पुलिस में कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी गई शिकायत में मोहल्ला कस्साबान ज्वालापुर निवासी फरमान पुत्र फय्याज ने बताया कि करीब 12 वर्ष पहले आर्थिक तंगी के चलते उसने अपनी पत्नी के सोने के आभूषण पीठ बाजार स्थित रोशन सुनार के यहां गिरवी रखे थे।
इन आभूषणों में करीब 27 ग्राम का गले का सेट, एक तोला की चेन और अंगूठी, एक तोला के झुमके, दो तोला की माला और एक तोला के झाले शामिल थे।उस समय इन आभूषणों के बदले उसे लगभग 77 हजार रुपये मिले थे। फरवरी 2025 में वह जेवर छुड़ाने के लिए सुनार की दुकान पर पहुंचा। आरोप है कि सुनार ने मूल रकम के साथ करीब 2.40 लाख रुपये ब्याज की मांग की। काफी बातचीत के बाद उसने 17 फरवरी 2025 को दो लाख रुपये नकद दे दिए और बाकी रकम बाद में देने की बात कही। आरोप है कि रुपये लेने के बाद सुनार और उसके बेटे सोनू और मोनू ने अगले दिन आभूषण देने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में उसे टालते रहे।
कई महीनों तक दुकान के चक्कर लगाने के बाद अब आरोपी आभूषण गिरवी रखने की बात से ही इनकार कर रहे हैं। फरमान का दावा है कि उसके पास एक वीडियो भी मौजूद है, जिसमें रोशन सुनार स्वयं यह स्वीकार करता दिखाई दे रहा है कि आभूषण 12 साल से उसके पास गिरवी रखे हुए हैं। पीड़ित का आरोप है कि सुनार और उसके बेटे करीब आठ लाख रुपये कीमत के आभूषण हड़पने की कोशिश कर रहे हैं। ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि अदालत के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।