कुंभ के कार्यों में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई : कैड़ा

हरिद्वार। शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि कुंभ मेले को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए सरकार हर स्तर पर प्रयासरत है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कुंभ मेला सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और सभी कार्य तय समयसीमा में गुणवत्ता व पारदर्शिता के साथ पूरे किए जाएं। कार्यों में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को मंत्री राम सिंह कैड़ा ने हरिद्वार पहुंचकर कुंभ मेले की तैयारियों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने मेला नियंत्रण भवन में मेला प्रशासन और तमाम विभागों के अधिकारियों के साथ कुंभ मेले के लिए किए जा रहे निर्माणकार्यों की प्रगति की रिपोर्ट ली।

एक महीने में ये शहरी विकास मंत्री की दूसरी समीक्षा बैठक थी, जिसमें मेलाधिकारी सोनिका के अलावा पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, पेयजल, परिवहन, जल संस्थान समेत तमाम विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान मेला प्रशासन ने उन्हें पीपीटी के माध्यम से कुंभ मेले के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। मंत्री ने कुंभ मेले के लिए प्रस्तावित अवस्थापना विकास कार्यों, निर्माणाधीन परियोजनाओं, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, घाटों के सुदृढ़ीकरण, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा से संबंधित तैयारियों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार हरिद्वार कुंभ को एक ऐतिहासिक आयोजन के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

इसे देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और व्यवस्थागत क्षमता का भी प्रतीक है। इसलिए मेला से जुड़े निर्माण कार्यों और सुविधाओं की गुणवत्ता ऐसी होनी चाहिए, जिनका लाभ भविष्य में स्थानीय जनता और हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को निरंतर मिलता रहे।  बैठक के दौरान मंत्री राम सिंह कैड़ा ने आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए कार्यों की गति बढ़ाने पर भी जोर दिया और कहा कि सभी विभाग मौसम संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखकर कार्ययोजना तैयार करें। निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की देरी न होने दें। उन्होंने कहा कि कुंभ से जुड़े सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।

वे स्वयं नियमित रूप से कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के साथ ही योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण भी करेंगे और मुख्यमंत्री स्तर से समय-समय पर समीक्षा भी की जाएगी। विशेष रूप से पार्किंग व्यवस्था, यातायात संचालन, शौचालयों की उपलब्धता, साफ-सफाई और घाटों पर सुविधा एवं सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मीडिया से बनाई दूरी, अर्द्धकुंभ को कुंभ लिखा जाए:   हालांकि बैठक शुरू होते ही सभागार में मौजूद मीडियाकर्मियों को बैठने की अनुमति नहीं दी गई। मंत्री राम सिंह कैड़ा के निर्देश पर सभागार से सभी को बाहर बैठने को कहा गया। वहीं, बैठक शुरू होते ही अधिकारियों ने पीपीटी के माध्यम से कुंभ मेले के कार्यों की जानकारी देनी शुरू की तो मंत्री राम सिंह कैड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 2027 में कुंभ मेला होना है, इसलिए इसे अर्द्धकुंभ न लिखकर कुंभ ही लिखा जाए।

मेलाधिकारी सोनिका ने बताया कि तय समयसीमा के भीतर पूरी गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्यों की निरंतर निगरानी और समीक्षा की जा रही है। सीसीआर 2 की समीक्षा और बैरागी कैंप निरीक्षण किया:   बैठक में मंत्री राम सिंह कैड़ा ने सीसीआर-2 भवन के निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि भवन निर्माण सहित सड़क, पुल एवं घाटों से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए और कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो। साथ ही उन्होंने बैरागी कैंप में निर्माणाधीन नलकूपों एवं ओवरहेड टैंक का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की गुणवत्ता बनाए रखते हुए इन सभी कार्यों को आगामी 31 अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य नगर अधिकारी नंदन कुमार, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, उप मेला अधिकारी आकाश जोशी, मनजीत सिंह, अधीक्षण अभियंता लोनिवि डीपी सिंह, एसई जल संस्थान यशबीर मल्ल, एसई सिंचाई मनजीत कुमार सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

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