हरिद्वार। जिले में अवैध कब्जे, बिजली की किल्लत, जलभराव, पेंशन में देरी और अन्य समस्याओं को लेकर सोमवार को जनसुनवाई में लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया। अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों ने समस्याएं रखते हुए त्वरित समाधान की मांग उठाई। इस दौरान कुल 70 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 32 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। अन्य मामलों को संबंधित विभागों को निस्तारण के लिए भेज दिया गया। जिला कार्यालय सभागार में आयोजित जनसुनवाई में 55 शिकायतें सीधे उपस्थित होकर और 15 ऑनलाइन माध्यम से दर्ज कराई गईं।
न्यू विष्णु गार्डन निवासी सचिन वर्मा ने नगर निगम की भूमि पर अवैध कब्जा कर डेयरी संचालन और गंदगी फैलाने की शिकायत की। वहीं, सतवीर सिंह ने अहमदपुर ग्रांट स्थित अपनी भूमि पर कब्जे की शिकायत करते हुए पैमाइश कराने की मांग उठाई। जिला पंचायत सदस्य विमलेश देवी ने औरंगाबाद क्षेत्र में पिछले दो-तीन माह से सीमित विद्युत आपूर्ति के कारण किसानों को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया। इसके अलावा सेवानिवृत्त शिक्षक प्रदीप कुमार धीमान ने पेंशन शुरू न होने, पंकज कुमार ने रोहालकी किशनपुर में कूड़ा व अवैध गोबर हटाने, जबकि किसानों ने वन गुज्जरों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाने की शिकायत दर्ज कराई।
द्वारिका विहार कॉलोनी में जलभराव की समस्या भी प्रमुखता से उठाई गई। जनपद की 25 ग्राम पंचायतों में स्थापित मिनी सचिवालयों के माध्यम से भी ग्रामीणों ने ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कराईं। दुधला दयालवाला ग्राम प्रधान ने एनएचएआई से हाईवे पर संकेतक बोर्ड लगाने और गंगा किनारे तटबंध निर्माण की मांग की, जबकि गोरधनपुर के ग्रामीणों ने विद्यालय परिसर में जलभराव की समस्या से अवगत कराया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने चेतावनी दी कि लापरवाही या शिथिलता बरतने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, वहां विभागीय समन्वय के साथ मौके पर जाकर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।