हरिद्वार। धर्मनगरी में सात जगहों पर अचानक से पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य, एसडीआरएफ समेत कई विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों के पहुंचने से अफरातफरी मच गई। लोग कुछ समझ पाते उससे पूर्व सभी अपने कार्य में लग गए और घायलों को रिलीफ सेंटर पहुंचाने लगे। हालांकि कुछ ही देर में स्पष्ट हो गया कि यह चारधाम यात्रा के मद्देनजर आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए आयोजित मॉकड्रिल है।
यात्रा के दौरान प्राकृतिक आपदाओं से निपटने एवं त्वरित राहत एवं बचाव कार्य के लिए शुक्रवार को हरकी पैड़ी, शिव पुल, हरिद्वार रेलवे स्टेशन, भीमगौड़ा रेलवे टनल, अपर बाजार, पंतद्वीप पार्किंग एवं विष्णु घाट आदि स्थानों पर मॉकड्रिल की गई। हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर लक्सर तहसीलदार शुभांगी रिलकोटिया के नेतृत्व में बीएसएफ, रेलवे, आरपीएफ, जीआरपी, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन और स्थानीय पुलिस ने पूर्वाभ्यास किया।
कंट्रोल रूम से हरकी पैड़ी के आसपास गंगा का जलस्तर बढ़ने की सूचना पर रेलवे स्टेशन पर भगदड़ हो गई। इसमें कुछ लोग घायल हो गए। रेलवे, आरपीएफ और जीआरपी की ओर से सूचना मिलते ही बचाव टीम मौके पर पहुंची। भगदड़ के दौरान सात लोग घायल हो गए थे, जिसमें से चार सीरीयस और तीन को मामूली चोट लगी थी। रेलवे स्टेशन को खाली कर घायलों को फर्स्ट एड देकर एम्बुलेंस से पन्ना लाल भल्ला म्युनिसिपल इंटर कॉलेज स्थित रिलीफ सेंटर भेजा गया।
इस अवसर पर स्टेशन अधीक्षक बीके मलिक, आरपीएफ निरीक्षक विजेंद्र सिंह रावत, गौरव नेगी, जेपी सिंह, सचिन शर्मा, देवेंद्र चौहान, सिडकुल अग्निशमन एलएफएम विजेंद्र सिंह, भवानी सिंह, सतेंद्र नेगी, प्रेमसिंह बिष्ट, जीआरपी थानाध्यक्ष विपिन पाठक, डॉ. इंदु, डॉ. प्रियंका, मुकेश, दीप, सुमित आदि उपस्थित रहे।