बुद्ध पूर्णिमा के डुबकी लगा श्रद्धालुओं ने मां गंगा से लिया आशीष

हरिद्वार। बुद्ध पूर्णिमा पर्व पर धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचे। शुक्रवार सुबह से ही हर की पैड़ी समेत अन्य गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में पहुंचकर श्रद्धालु गंगा में आस्था की डुबकी लगाते नजर आए। हरिद्वार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। पूरे मेला क्षेत्र को आठ जोन और 21 सेक्टरों में बांटा गया। सभी गंगा घाटों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। साथ ही बीडीएस, डॉग स्कॉयड और सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की गई।

पौराणिक मान्यता:  पौराणिक मान्यता के अनुसार पूर्णिमा के दिन भगवान बुद्ध का अवतरण हुआ था, इस दिन उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ था और आज ही के दिन उनका निर्वाण भी हुआ है। इस दिन गंगा स्नान का भी खास महत्व बताया जाता है। बुध पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान, दान, और भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का पूजन विशेष फलदायी होता है। ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज त्रिपाठी ने बताया कि जो आज के दिन गंगा स्नान करने से पूरे वैशाख मास में रोजाना स्नान करने के बराबर फल प्राप्त होता है। आज के दिन चंद्रमा स्वाति नक्षत्र में होते हैं, इसलिए इस दिन विशेष पुण्यदाई माना जाता है।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए खास इंतजाम किए। जाम से बचने के लिए ट्रैफिक भी डायवर्ट किया गया है। इसके साथ ही सभी दिशाओं से हरिद्वार में आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग भी निर्धारित की गई है।
20 मिनट की जगह डेढ़ घंटा लगा :  ऋषिकुल हाईवे से सप्तऋषि पहुंचते तक डेढ़ घंटा लगा। कनखल निवासी सचिन डबराल ने बताया कि सुबह 10 बजे वह घर से निकले थे, लेकिन ऋषिकुल हाईवे से जाम शुरू हो गया था, जो पंतद्वीप पार्किंग तक रहा। करीब 11:30 बजे वह सप्तऋषि पहुंचे। सामान्य दिनों में 15 से 20 मिनट का समय ऋषिकुल से सप्तऋषि तक पहुंचने में लगता था।

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