हरिद्वार। उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष सरदार सुखदेव सिंह नामधारी ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद का बलिदान इतिहास में अमर है। गुरुकुल कांगड़ी महापुरुषों की तपस्थली है, महात्मा गांधी को महात्मा शब्द गुरुकुल की ही देन है।
स्वामी श्रद्धानन्द जी से मिलने महात्मा गांधी अनेकों बार गुरुकुल आये थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में गुरुकुलीय विचार भारत को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। यह बातें उन्होंने पुण्यभूमि पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही।