हरिद्वार। डीएम मयूर दीक्षित के निर्देशन में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित जनसुनवाई में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। इसकी अध्यक्षता एडीएम पीआर चौहान और दीपेंद्र सिंह नेगी ने की। इस दौरान 55 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 28 का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को जिम्मेदार विभागों को भेजा गया। सोमवार को जनसुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, बिजली-पानी और अतिक्रमण सहित तमाम विभागों से जुड़ीं शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। बंजारेवाला ग्रांट भगवानपुर के लोगों ने श्मशान घाट में हैंडपंप लगाए जाने की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र दिया।ग्राम पंचायत सजनपुर पीली और बाहर पीली के लोगों ने प्राइमरी स्कूल के पास पूर्व में बने होलिका दहन स्थल को चकरोड़ खसरा-185/186 पर पुनः विकसित करने की मांग रखी। लालढांग की सुमन देवी ने कृषि भूमि में आसपास के घरों का गंदा पानी आने से फसल को हो रहे नुकसान की शिकायत दर्ज कराई।
कनखल स्थित ज्ञानलोक कॉलोनी फेस-2 के लोगों ने बैग वाली कॉलोनी की ओर अवैध रूप से दीवार तोड़कर बनाए गए रास्ते को बंद कराने की मांग उठाई। इस दौरान सीएमओ डॉ. आरके सिंह, मुख्य वित्त अधिकारी अजय कुमार, एलडीएम दिनेश गुप्ता, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी, परियोजना प्रबंधक पेयजल निगम (गंगा) मीनाक्षी मित्तल, ईई-लोनिवि दीपक कुमार, उप मुख्य नगर अधिकारी दीपक गोस्वामी मौजूद रहे। सेवा लाभ, अतिक्रमण और जल निकासी की शिकायतें भीमगोड़ा के प्रभात कुमार ने शिकायत कि कि उनकी माता शकुंतला शर्मा का अगस्त 2021 में सरकारी सेवा के दौरान निधन हो गया था, लेकिन नगर निगम हरिद्वार में सभी कागज जमा करने के बावजूद अब तक देय अवशेष का भुगतान नहीं किया गया है। धनपुरा और दोगीवाला के लोगों ने मालू हसन से अस्पताल होते हुए दोगीवाला तक जाने वाले मुख्य मार्ग की पैमाइश और अतिक्रमण हटाने की मांग की।
लापरवाही बरतने वाले अफसरों को एडीएम ने चेताया एडीएम पीआर चौहान ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में आईं सभी शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।