मेलाधिकारी सोनिका ने निरीक्षण कर जानी भीड़ और यातायात की स्थिति

हरिद्वार। सोमवती अमावस्या पर हरिद्वार में उमड़ी लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ आगामी कुंभ मेले की तैयारियों को परखने का महत्वपूर्ण अवसर बन गई। हरकी पैड़ी और आसपास के गंगा घाटों पर दिनभर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा रहा। इस दौरान मेलाधिकारी सोनिका ने मेला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ केंद्रीय नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण कर भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन और निगरानी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मेलाधिकारी सोनिका ने मेला नियंत्रण भवन से हरकी पैड़ी सहित विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही, भीड़ के दबाव और यातायात व्यवस्था की निगरानी की।

उन्होंने अधिकारियों के साथ सीसीटीवी नेटवर्क, भीड़ निगरानी प्रणाली, यातायात नियंत्रण तंत्र और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय व्यवस्था की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संवेदनशील स्थलों पर भीड़ के घनत्व, श्रद्धालुओं की आवाजाही के रुझान और व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता से संबंधित जानकारी ली। मेलाधिकारी ने कहा कि हरिद्वार में आयोजित होने वाले प्रमुख स्नान पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आगामी कुंभ मेले की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर भी हैं। इन आयोजनों के दौरान वास्तविक परिस्थितियों में व्यवस्थाओं की कार्यक्षमता का परीक्षण किया जा रहा है, जिससे भविष्य की चुनौतियों का पूर्वानुमान लगाकर प्रभावी रणनीति तैयार की जा सके।

उन्होंने बताया कि मेला प्रशासन स्नान पर्वों के दौरान प्राप्त आंकड़ों और अनुभवों का व्यवस्थित विश्लेषण कर रहा है। विशेष रूप से यह अध्ययन किया जा रहा है कि किस समय और किन स्थानों पर सर्वाधिक भीड़ का दबाव बनता है, श्रद्धालुओं की आवाजाही के प्रमुख मार्ग कौन से हैं, आपातकालीन परिस्थितियों में प्रतिक्रिया समय कितना है और यातायात संचालन को और अधिक सुगम कैसे बनाया जा सकता है। सोनिका ने कहा कि आगामी कुंभ मेले के लिए तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली, रियल टाइम क्राउड एनालिटिक्स, बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को मजबूत करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

प्रत्येक बड़े स्नान पर्व से प्राप्त फीडबैक को योजनाओं में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में से एक है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और निर्बाध व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना मेला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा और मूल्यांकन किया जा रहा है, ताकि आगामी कुंभ मेले में श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, अपर पुलिस अधीक्षक (संचार) विपिन कुमार सहित मेला प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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