हरिद्वार। हरिद्वार के ट्रैवल कारोबारियों ने यात्रा सीजन में बाहरी टैक्सी वाहनों के संचालन पर रोक लगाने की मांग उठाई है। इसके साथ ही परिवहन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा। कारोबारियों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन किया जाएगा। सोमवार को टैक्सी मैक्सी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि यात्रा सीजन में बाहरी राज्यों की टैक्सी और व्यावसायिक वाहनों के संचालन से स्थानीय कारोबार प्रभावित हुआ है। एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि हर वर्ष यात्रा सीजन में बाहरी राज्यों के टैक्सी वाहन बड़ी संख्या में हरिद्वार पहुंचते हैं, जिससे स्थानीय ट्रैवल कारोबारियों की आय पर सीधा असर पड़ता है।उनका आरोप है कि परिवहन विभाग इन वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा, जबकि स्थानीय वाहन संचालकों पर सख्ती की जाती है।
उन्होंने कहा कि बाहरी वाहन संचालक कम किराये पर यात्राएं कर स्थानीय कारोबारियों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं और कमाई अपने राज्यों में ले जाते हैं। एसोसिएशन के सचिव इकबाल सिंह ने बताया कि स्थानीय कारोबारियों ने बैंक से ऋण लेकर वाहन खरीदे हैं। कारोबार प्रभावित होने से वाहन ऋण की किश्तें चुकाना और अन्य खर्चों का वहन करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने प्रशासन पर स्थानीय कारोबारियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए बाहरी वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग की। कारोबारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो ट्रैवल कारोबारी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस दौरान कोषाध्यक्ष हरीश भाटिया, संजय नैथानी, जरनैल सिंह, नवनीत, हंसराज और राजेश वोहरा समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।