हरिद्वार। कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन तैयारियों में जुटा है, लेकिन हरिद्वार-लक्सर मुख्य मार्ग पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। जिलाधिकारी के निर्देशों के बावजूद लक्सर हरिद्वार मार्ग पर सड़क पर बने गहरे गड्ढों की अब तक मरम्मत नहीं हो सकी है। इन गड्ढों में पानी भर जाने से यह गड्ढे वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे है। प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा से पहले सभी प्रमुख मार्गों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी ने भी संबंधित विभागों को सड़कें दुरुस्त करने के आदेश जारी किए हैं, लेकिन हरिद्वार-लक्सर मार्ग पर इन निर्देशों का असर दिखाई नहीं दे रहा।
सड़क की खराब स्थिति से स्थानीय लोगों के साथ-साथ इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि हल्की बारिश होते ही पदार्था पुल के पास सड़क पर जलभराव हो जाता है। पानी भरने से गहरे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया वाहन चालक अक्सर असंतुलित होकर गिर जाते हैं। कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद विभाग ने अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया है। हरिद्वार-लक्सर मार्ग कांवड़ यात्रा के दौरान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी मार्ग से उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से आने वाले हजारों शिवभक्त हरिद्वार पहुंचते हैं।
ऐसे में सड़क की जर्जर स्थिति किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।ग्रामीणों और राहगीरों ने लोक निर्माण विभाग से तत्काल सड़क की मरम्मत कर गड्ढों को भरने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सड़क को सुरक्षित नहीं बनाया गया तो किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद लोक निर्माण विभाग कब तक हरकत में आता है और कांवड़ यात्रा से पहले इस महत्वपूर्ण मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।