हरिद्वार। निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने शुक्रवार को हरिद्वार में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। नगर कोतवाली क्षेत्र के भूपतवाला में लालमाता मंदिर के सामने चाय के खोखे में उसका शव फंदे पर लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस प्रथमदृष्टया इसे आत्महत्या मान रही है। मौत के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान सुरेंद्र कोली पुत्र शंकु राम निवासी ग्राम मंगरुखाल, भिकियासैंण, अल्मोड़ा के रूप में हुई है। वह पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था।
जानकारी के मुताबिक वह अपनी पहचान छिपाकर यहां सदाराम नाम से रह रहा था। आसपास के लोगों को भी उसने अपना नाम सदाराम बताया था। हालांकि उसकी जेब से असली आधार कार्ड और वोटर कार्ड मिले हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सुरेंद्र कोली ने चार दिन पहले अनिल शर्मा नाम के युवक से लालमाता मंदिर के सामने चाय का खोखा किराये पर लिया था। इसके लिए उसने छह महीने का किराया एडवांस दिया था। खोखे का मासिक किराया करीब 12 हजार रुपये बताया जा रहा है। वह इसी खोखे में रहता भी था और चाय बेचता था।
इससे पहले वह पथरी क्षेत्र के मुस्तफाबाद में भी कुछ दिन रहा था। पुलिस के अनुसार इन दिनों क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही थी और खोखे को भी हटाया जाना था। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि इससे वह परेशान था। हालांकि पुलिस ने अभी आत्महत्या के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही उसके संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि निठारी कांड में नाम आने के बाद सुरेंद्र कोली परिवार से अलग रह रहा था।
पुलिस उसके हरिद्वार आने, यहां रहने और पिछले कुछ समय की गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। मौके से कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। नगर कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर कुंदन सिंह राणा ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक हरिद्वार में रहकर चाय का खोखा चला रहा था। प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट होगी।