हरिद्वार। घटना के 6 महीने बाद मशरूर व नसीम उर्फ मुन्ना ने अब्बास नाम के व्यक्ति को अब्दुल रज्जाक से मिलवाते हुए कहा कि अब्बास के पास पुरानी करेंसी के 1000 करोड के नोट हैं जिसे वह नई करेंसी में बदलना चाहता है यदि कोई आदमी नई करेंसी में बदल ले तो अब्बास उसे अच्छा खासा कमीशन देने के लिये तैयार है । इस दौरान देहरादून में अब्दुल रज्जाक को दुबारा अब्बास से मिलवाया गया। अब्दुल रज्जाक को शीघ्र ही अब्बास पर विश्वास हो गया इस दौरान वह नये नोटों को एक्सचेंज करवाने वाले की ढूँड खोज में लगा था कि एक दिन अचानक उसके पास सुरेश नाम के अज्ञात व्यक्ति का फोन आया कि उसे पता चला है कि रज्जाक को पुरानी करेंसी के नोटों की जानकारी है सुरेश ने कहा कि उसे सरकार के द्वारा बन्द करेंसी के 10 हजार करोड के नोटों को 40 प्रतिशत नई करेंसी में बदलने का टेण्डर प्राप्त है वह उससे मिलकर बात करना चाहता है। सुरेश व अब्दुल रज्जाक की आपस में बात चीत हुई इस दौरान मशरूर व नसीम उर्फ मुन्ना भी उसके साथ थे। अब्बास ने अपना ट्रस्ट लखनऊ में होना बताया था अतः तीनों अब्दुल रज्जाक, मशरूरर व नसीम उर्प मुन्ना, अब्बास के पुराने करेंसी के नोटों को प्राप्त करने के लिए लखनऊ गये परन्तु किसी कारणवश वहां डील नहीं हो सकी। इसके पश्चात अब्बास ने अब्दुल रज्जाक को एक दिन देहरादून बुलवाया और उसकी मुलाकात सन्नी, चैहान व शाहआलम नाम के व्यक्तियों से करायी और कहा कि शाहआलम के पास भी 1 हजार करोड रुपये पुरानी करेंसी है परन्तु यह अपनी पुरानी करेंसी तभी दिखायेंगे जब आप हमें 10 करोड की नई करेंसी दिखाकर विश्वास दिलाओगे कि तुम हमारे साथ धोखा नहीं करोगे। इस दौरान सन्नी व चैहान ने अब्दुल रज्जाक के साथ नई करेंसी के 10 करोड रुपये एडवांस में देने की बात की हामी भरी व सन्नी ने स्वयं 5 करोड देने का आश्वासन दिया व 5 करोड का इन्तजाम करने को अब्दुल रज्जाक को कहा, अब्दुल रज्जाक ने तीन करोड रुपये में संगम वैडिंग पैलेस की अपनी साझेदारी बेची व 2 करोड रुपये सन्नी ने उसे अपने साथी चैहान से दिलवाये जिसके बाबत अब्दुल रज्जाक ने चैहान को 2 करोड के चैक दिये। इसके पश्चात अब्दुल रज्जाक को बताया गया कि शाहआलम पे दिये गये 1 हजार करोड के नोट वे सुरेश के पास ले गये थे लेकिन सुरेश ने उन रुपयों को गले कटे होने के कारण लेने से मना कर दिया अभी उन नोटों में से सही नोट की छटनी कर रहे हैं सही नोटों को सुरेश ले लेगा इसी को लेकर अब्दुल रज्जाक को उपरोक्त चालबाजों से चलाया जा रहा था ।