प्रधानमंत्री मोदी जी को पी एम ओ कार्यलय पर मेल के माध्यम से पत्र भेज केंद्रीय टीम द्वारा ड्रेनेज कंट्रोल के सर्वे की मांग रखते हुए जलभराव समस्या के स्थायी समाधान की रखी मांग।।वर्तमान बोर्ड, पूर्व बोर्ड ने शहरहित में जलभराव को नही निभाई जिम्मेदारी। सिर्फ राजनीति की भेंट चढ़ता रहा जलभराव का गम्भीर मुद्दा। जो अब भी जारी।महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर हरिद्वार के बरसाती पानी के ड्रेनेज कंट्रोल को लेकर केंद्रीय टीम के सर्वे की मांग की। पी एम ओ कार्यलय पर मेल के माध्यम से भेजे पत्र में सुनील सेठी ने लिखा कि हरिद्वार धर्मनगरी है जहां करोड़ो श्रद्धालु आते है। एक छोटे से एरिये में पहाड़ों नदियों से घिरा ये खूबसूरत शहर है । लेकिन यहां बरसातों के समय होता जलभराव स्थानीय निवासियों, व्यापार्रियों के साथ आने वाले श्रधालुओ के लिए नासूर बन गया है आये दिन लगने वाले मेलो पर्वो पर यात्रियों का बरसात में निकलना मुश्किल हो जाता है , व्यापार्रियों का लाखो का नुकसान हो जाता है स्थानीय निवासी घरों में कैद हो जाता है दुर्घटनाएं होती है जनता चोटिल होती है । पिछले कई वर्षों से नगर निगम बनने के बाद से ही बोर्ड द्वारा जलभराव समस्या को लेकर कोई स्थायी समाधान नही ढूंढा बल्कि हर बोर्ड ने जलभराव पर राजनीतिक रोटियां सेकी जो अब भी जारी है। कोई स्थायी समाधान निकालने की जगह सिर्फ जलभराव पर फ़ोटो सेशन करवा आगामी निकाय चुनाव की तैयारी में मुद्दा बनाना उद्देश्य है स्थायी समाधान को कोई प्रयासरत नही। जगह जगह सड़के धंस रही है क्योंकि पानी की निकासिया बंद है । सड़को के ढाल सही नही है कालिनियो बाजारों में ड्रेनेज को प्राधिकरण का कोई प्लान नही है। इसलिए बोर्ड से किसी को कोई आशा उम्मीद नही। इसके लिए केंद्रीय टीम को यहां की भोगोलिक स्तिथि का आंकलन कर सर्वे करते हुए स्थायी समाधान के लिए कार्य करना चाहिए । जिससे यहां आने वाले श्रधालुओ को स्थानीय निवासियों को राहत मिल सके। मांग करने वालो में महानगर अध्यक्ष जितेंद चौरसिया, महामंत्री नाथीराम सैनी, कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष सुनील मनोचा,खड़खडेश्वर अध्यक्ष भूदेव शर्मा, एस एन तिवारी, पंकज माटा,दीपक मेहता, महेश चौधरी, सोनू चौधरी, गौरव गौतम, मनोज ठाकुर, कुलदीप कुमार,अरुण शर्मा, गणेश शर्मा, राजेश अरोड़ा, विशाल कुमार, रवि अरोड़ा मुख्य रूप से रहे।