हरिद्वार। अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच को लेकर कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। उसका कहना है कि सरकार ने आनन-फानन में सीबीआई जांच की सिफारिश तो की, लेकिन बीस दिन बीतने पर भी जांच की दिशा और स्थिति को लेकर कोई ठोस जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। इससे आमजन में सरकार के प्रति संदेह गहराता जा रहा है।
शुक्रवार को प्रेस क्लब में लोकसभा प्रभारी आकाश आजाद और कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग ने कहा कि अंकिता के परिजनों के पत्र के आधार पर ही सीबीआई जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसी तीसरे व्यक्ति के पत्र को आधार बनाकर जांच कराना चाहती है, जिससे निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
युवा कांग्रेस नेता वरुण बालियान और महबूब आलम ने कहा कि यह जघन्य अपराध है और सभी दोषियों को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। दिव्यांश अग्रवाल और उत्कर्ष वालिया ने सवाल किया कि आखिर सीबीआई किसके इशारे का इंतजार कर रही है। इस दौरान मयंक त्यागी, लक्ष्य चौहान, एडवोकेट अबरार अयूबी, आनंद, रोहित नेगी, धनीराम शर्मा, आशु श्रीवास्तव और ऋषभ वशिष्ठ मौजूद रहे।