हरिद्वार। हरिद्वार के पेंटागन मॉल में हाल ही में एक खास आयोजन हुआ, जहां भाजपा नेता, RSS कार्यकर्ता और संतों ने मिलकर ‘गोदान’ फिल्म देखी। यह फिल्म गाय की पूजा और भारतीय संस्कृति को समर्पित है, जिसने मौके पर मौजूद लोगों के दिलों में जोश भर दिया। रोशनाबाद स्थित पेंटागन मॉल के सिनेमाहॉल में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महामंडलेश्वर रवींद्र पुरी, RSS के विभाग प्रचारक राकेश कुमार और भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा की अगुवाई में सैकड़ों साधु-संत व कार्यकर्ता एकत्र हुए। फिल्म दिखाने के दौरान ‘भारत माता की जय’, ‘गौ माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों से हॉल गूंज उठा। यह दृश्य भारतीय परंपराओं के प्रति गहरे लगाव को दर्शाता है।
आशुतोष शर्मा ने फिल्म को हमारी सांस्कृतिक धरोहर बताया और कहा कि गाय का पालन हर घर के लिए फायदेमंद है। हिंदू मान्यताओं में गाय को मां का दर्जा प्राप्त है, जो रोगों से बचाव और समृद्धि लाती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि फिल्म के संदेशों को हर द्वार तक पहुंचाएं, ताकि गौ संवर्धन को बढ़ावा मिले। साथ ही, फिल्म निर्देशक और कलाकारों को बधाई दी तथा उत्तराखंड सरकार द्वारा इसे टैक्स-मुक्त करने पर सीएम पुष्कर सिंह धामी को धन्यवाद दिया। महामंडलेश्वर रवींद्र पुरी ने सनातन धर्म की प्राचीनता पर जोर देते हुए कहा कि गाय की रक्षा के लिए हिंदू इतिहास में कई बलिदान हुए हैं। फिल्म के दृश्य वास्तविक जीवन से जुड़े हैं, जहां गाय का दूध सभी प्राणियों का पोषण करता है, जैसे कोई मां अपने बच्चों की देखभाल। ऐसी फिल्में संस्कृति के प्रचार में बड़ी भूमिका निभाती हैं।
भारतीय संस्कृति में गाय को ‘गौ माता’ कहकर पूजा जाता है। वैदिक काल से ही इसे धन-धान्य और जीवन का प्रतीक माना गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में करीब 30 करोड़ गायें हैं, लेकिन आधुनिक चुनौतियों जैसे चारा की कमी और शहरीकरण से उनका संरक्षण मुश्किल हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि गौ पालन से जैविक खेती को बढ़ावा मिलता है और पर्यावरण संतुलन बना रहता है।
उदाहरण स्वरूप, गाय का गोबर खाद के रूप में उपयोग से मिट्टी की उर्वरता 20-30% तक बढ़ सकती है।
यह आयोजन केवल फिल्म प्रदर्शन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जागरूकता का प्रतीक है। ग्रामीण भारत में गौ पालन आजीविका का आधार है, जो लाखों परिवारों को रोजगार देता है। टैक्स-मुक्त फिल्में जैसे ‘गोदान’ आम लोगों तक संदेश पहुंचाती हैं, जिससे गौ-रक्षा को नई गति मिल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर गौ संवर्धन बढ़ा तो डेयरी उद्योग में 10-15% की वृद्धि संभव है, जो अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। यह स्थानीय स्तर पर पर्यावरण और परंपरा के संरक्षण का संदेश देता है। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, जिला महामंत्री संजीव चौधरी, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा समेत कई नेता, कार्यकर्ता जैसे निपेंद्र चौधरी, सीमा चौहान, विशाल गर्ग, अभिनव चौहान, तेलुराम प्रधान, उज्ज्वल पंडित, प्रीति गुप्ता और सैकड़ों साधु-संत मौजूद रहे।