हरिद्वार। जिला महिला अस्पताल परिसर में 39 करोड़ की लागत से तैयार 200 बेड के मातृ-शिशु स्वास्थ्य केंद्र के संचालन को मंजूरी मिल गई है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह ने इसे चलाने वाली कंपनी को अनुमति दे दी है। इसके साथ ही, आज से यहां ओपीडी सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। इस अस्पताल को संचालित करने जा रही कंपनी के निदेशक मनोज मिश्रा ने बताया कि ओपीडी का समय सुबह 9 बजे से शाम चार बजे तक निर्धारित किया गया है। शुरुआती चरण में स्त्री एवं प्रसूति रोग, नवजात शिशु एवं बाल रोग, जनरल मेडिसिन, हड्डी-जोड़ और ट्रॉमा से जुड़ी ओपीडी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।
इसके अलावा 24 घंटे फार्मेसी और लैब सेवाएं भी संचालित की जाएंगी।आईपीडी सेवाएं भी शुरू करने की तैयारीमिश्रा के मुताबिक, दूसरे चरण में अप्रैल पहले हफ्ते से आईपीडी सेवाएं शुरू करने की तैयारी है। इस अस्पताल में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिनमें निशुल्क डिलीवरी के साथ आयुष्मान योजना, गोल्डन कार्ड, ईएसआई और टीपीए के तहत इलाज की सुविधा मिलेगी।अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे की सुविधा मिलेगीअफसरों का दावा है कि इस अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम सेवाएं देंगी। साथ ही, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जैसी जांच सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
प्रबंधन के अनुसार, भविष्य में यहां पीजी कोर्स, रिसर्च, आईवीएफ, सीएमई और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।डायलिसिस यूनिट भी जल्द शुरू होगीमिश्रा ने यह भी दावा किया कि गंभीर मरीजों के लिए 10 बेड की डायलिसिस यूनिट भी जल्द शुरू करने की योजना है। मातृ-शिशु स्वास्थ्य केंद्र शुरू होने से हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी और मरीजों को दूसरे शहरों में रेफर होने की जरूरत कम ही पड़ेगी।