हरिद्वार। विश्वगुरु शंकराचार्य दशनाम गोस्वामी समाज की ओर से मंगलवार को श्रवणनाथ मठ में पूजा-अर्चना कर आदि गुरु शंकराचार्य महाराज का प्राकट्य जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में प्राचीन हनुमान घाट हनुमान मंदिर के मुख्य महंत रवि पुरी महाराज ने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा के महान दार्शनिक, अद्वैत वेदांत के प्रणेता और धर्मजागरण के अग्रदूत आदि गुरु शंकराचार्य का जीवन चरित्र भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना की अमूल्य धरोहर है। शंकराचार्य ने देश की आध्यात्मिक एकता को मजबूत करने के लिए दशनाम परंपरा की स्थापना की, जिसका उद्देश्य साधु-संतों को संगठित कर समाज को धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिकता के मार्ग पर अग्रसर करना था।
राष्ट्रीय महासचिव प्रमोद गिरि ने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित दशनाम गोस्वामी समाज आज भी सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समाज धर्म की रक्षा, संस्कारों के प्रसार और सेवा कार्यों में सक्रिय योगदान दे रहा है। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने और आगे बढ़ाने का आह्वान किया। प्रदेश उपाध्यक्ष शत्रुघ्न गिरि और समाजसेवी डॉ. अशोक गिरि ने कहा कि शंकराचार्य का जीवन त्याग, तपस्या, ज्ञान और राष्ट्र एकता का संदेश देता है। वरिष्ठ नेता अजय गिरि और शिवम गिरि ने कहा कि उनके विचार आज भी मानवता को सत्य, ज्ञान और आत्मबोध का मार्ग दिखाते हैं। कार्यक्रम में शहर व्यापार मंडल अध्यक्ष राजीव पाराशर, सीमा गिरि, सोनू गिरि, संदीप गोस्वामी, मनोज गिरि, कपिल पाराशर, कुलदीप गिरि, गौरव गोस्वामी, विशाल गिरि, गर्वित गिरि, योगेश त्यागी, रितेश पांडे, आशुतोष भारद्वाज, अनिल गिरि, सुमित कुमार सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
शंकराचार्य के बताए मार्ग पर चलें : गिरि
प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप गिरि ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर शंकराचार्य के बताए मार्ग पर चलना चाहिए, ताकि सनातन धर्म की गरिमा और परंपराएं सुरक्षित रह सकें। महिला प्रदेश अध्यक्ष सीमा गिरि ने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य ने संपूर्ण भारत का भ्रमण कर वैदिक धर्म की पुनर्स्थापना की और समाज में फैले अज्ञान व कुरीतियों को दूर किया।
शंकराचार्य चौक पर हुआ श्री विग्रह पूजन
जगद्गुरु आद्य शंकराचार्य महाराज की 1238वीं जयंती पर सोमवार को शंकराचार्य चौक पर विग्रह पूजन के साथ समारोह का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का संयोजन जगद्गुरु आद्य शंकराचार्य स्मारक समिति के महामंत्री श्रीमहंत देवानंद सरस्वती महाराज ने किया। समारोह में भारत माता मंदिर के श्रीमहंत एवं निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी गिरधर गिरी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद, स्वामी शरद पुरी सहित संत समाज के अनेक प्रतिनिधियों ने आद्य शंकराचार्य के श्री विग्रह पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इसके पश्चात श्रीकृष्ण निवास आश्रम में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें संतों और श्रद्धालुओं ने जगद्गुरु आद्य शंकराचार्य के योगदान को स्मरण करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।