हरिद्वार। हरिद्वार में आई तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जहां मौसम का मिजाज बदल दिया, वहीं आम उत्पादकों के लिए भारी नुकसान भी छोड़ गई। क्षेत्र में करीब 50 फीसदी आम की फसल बर्बाद होने का अनुमान है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों से कच्चे आम बड़ी मात्रा में झड़ गए, जिससे बागवानों को आर्थिक झटका लगा है। जबकि बारिश से खेतों में खड़ी अन्य फसलों को राहत मिली है।
गन्ना समेत कई फसलों को प्राकृतिक सिंचाई मिलने से किसानों के चेहरे खिले नजर आए। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह बरसात फायदेमंद साबित हुई है। दूसरी ओर, आम के बागों में तबाही का मंजर देखने को मिला। तेज आंधी और हवाओं के चलते पेड़ों पर लगे आम जमीन पर गिर गए, जिससे बागवानों की मेहनत पर पानी फिर गया। लालढांग क्षेत्र के बागवान इसरार, सलीम, खुर्शीद और जयप्रकाश ने बताया कि पहले आंधी के कारण आम का बौर झड़ गया था
और अब बची हुई फसल भी तूफान की भेंट चढ़ गई। उनका कहना है कि इस बार करीब आधी फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। किसानों का कहना है कि जहां एक ओर बारिश से कुछ फसलों को लाभ मिला है, वहीं आम उत्पादकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। मौसम के इस बदले रुख ने किसानों और बागवानों को असमंजस में डाल दिया है। उधर, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में फिर से तेज हवाओं और आंधी-तूफान की आशंका जताई है। ऐसे में किसान और बागवान दोनों ही चिंतित हैं और फसलों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं।