हरिद्वार। पतंजलि योगपीठ में मंगलवार को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। पतंजलि योगपीठ के बैनर तले और पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ की ऋचाओं, रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्रों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत शोभायात्रा से हुई, जिसके बाद रुद्राभिषेक और यज्ञ संपन्न हुआ। इसमें पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्य, छात्र-छात्राएं, पतंजलि परिवार के वरिष्ठ सदस्य, साधक और कार्यकर्ता शामिल हुए। पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. अनिल कुमार ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक नहीं, बल्कि भारत के आत्मगौरव का उत्सव भी है।
जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर दो बजे से होगी। यह आयोजन देश की आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव का संदेश देता है। उप प्रधानाचार्य डॉ. गिरीश के.जे. ने कहा कि इस आयोजन के लिए पतंजलि योगपीठ का चयन होना गौरव की बात है। कार्यक्रम में बीएएमएस की छात्राओं वर्णिका और उत्कर्षिनी ने सोमनाथ मंदिर के इतिहास और पर्व के महत्व पर जानकारी साझा की।