हरिद्वार। पथरी क्षेत्र के दर्जनों गांव में रात्री 8 बजे से ग्रामीणों को अघोषित बिजली कटौती की मार झेलनी पड़ी। 11 बजे बिजली सुचारू हो पाई इसके बाद भी बिजली की आँख मिचौली जारी रही। बिजली कटौती के चलते ग्रामीणों के रोजमर्रा के कार्यो में बाधा आ रही है तो वही, किसानों को फसलों की सिंचाई में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, फसल सूखने के कगार पर है। गांव घोसीपुरा, डोगीवाला, धनपुरा, अम्बुवाला, घिससुपुरा, झबरी, पथरी, टिहरी विस्थापित, पुरषोत्तम नगर, आदर्श नगर, पदार्था, सुगरस्सा, धिनारपुर, रानीमजरा, शाहपुर, बादशाहपुर आदि लगभग 30 गांव के ग्रामीणों व किसानों को अघोषित बिजली कटौती की मार झेलनी पड़ रही है।
प्रतिदिन दिन व रात में बिजली की कटौती व आंख मिचोली जारी है। ग्रामीणों को पूरी रात बिजली की आँख मिचौली की मार झेलनी पड़ रही है। ऊर्जा निगम के ढीले रवैये के चलते शानिवार रात 8 बजे से रात 11 बजे तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई। बिजली कटौती होने के कारण ग्रामीणों के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे है । ग्रामीणों का कहना है कि ऊर्जा निगम कर्मचारी ग्रामीणों को परेशान करने में लगे है । ऊर्जा निगम अधिकारी बिजली कटौती को ब्रेक डाउन या रोस्टिंग का नाम देकर अपना पल्ला झाड़ लेते है। बिजली कटौती से सबसे अधिक नुकसान किसानो को हो रहा है किसान फसलों की शिचाई नही कर पा रहा है।
समय से शिचाई नही होने के चलते फसलों के उत्पादन पर असर पड़ सकता है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में जल्द बिजली कटौती बंद करने की मांग की है। ग्रामीणों में तंजीम अली, साजिद अली, सोनू, मोहम्मद सलीम, सोहनवीर, रामकिशोर, नितीन, दीपक, रामकुमार, जीसान, ललित कुमार, प्रेम सिंह, इरशाद अली, रहमान, मांगेराम, रवि कुमार, नरेश कुमार, इसरार, गफ्फार अहमद, राम किशोर, अब्बास अली आदि ने अघोषित बिजली कटौती बन्द नही करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। ऊर्जा निगम के एसडीओ सचिन ने बताया लाइन में फॉल्ट या ओवरलोड होने पर बिजली बंद हो रही है। इसके अलावा रोस्टिंग के चलते आपूर्ति बंद की जाती है। जैसे ही रोस्टिंग खत्म होती है बिजली सुचारू रूप से चालू हो जाती है।