बिजली कटौती और बढ़ी दरों पर भड़के वरिष्ठ नागरिक, राहत देने की मांग

हरिद्वार। वरिष्ठ नागरिक सामाजिक संगठन ने प्रदेश में जारी बिजली कटौती और बढ़ी हुई बिजली दरों को लेकर सरकार और ऊर्जा निगम पर नाराजगी जताई। संगठन ने अघोषित कटौती तत्काल बंद करने और बढ़ी हुई दरें वापस लेने की मांग की। वरिष्ठ नागरिक सामाजिक संगठन की बैठक में प्रदेश में लगातार हो रही बिजली कटौती और बढ़ी हुई बिजली दरों पर कड़ा रोष व्यक्त किया गया।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि पर्याप्त जल उपलब्ध होने और विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं से बिजली उत्पादन होने के बावजूद उपभोक्ताओं को महंगी बिजली और अघोषित कटौती का सामना करना पड़ रहा है। इससे आम जनता के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयां भी प्रभावित हो रही हैं। गुरुवार को आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच सुबह, दोपहर और शाम के समय होने वाली बिजली कटौती से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

उद्योगों में उत्पादन प्रभावित होने से आर्थिक नुकसान हो रहा है, जबकि आम उपभोक्ता पहले से ही बढ़ी हुई बिजली दरों का बोझ झेल रहे हैं। इसे जनता पर दोहरी मार बताते हुए संगठन ने तत्काल अघोषित बिजली कटौती बंद करने और बढ़ी हुई बिजली दरें वापस लेने की मांग की। बैठक में विद्यासागर गुप्ता, बाबूलाल सुमन और हरदयाल अरोड़ा ने कहा कि बिजली विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि आम जनता और औद्योगिक संस्थानों को राहत मिल सके।

बैठक की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष चौधरी चरण सिंह ने की। इस दौरान अशोक पाल, आरके. शर्मा, गुलाब राय, अरुण सिंह राणा, जेएल. आहूजा, वीएस. गुप्ता, गिरधारी लाल, उमेश्वर प्रसाद, एससी. भास्कर, हरगुलाल, किशोरी लाल, महेंद्र शर्मा, बदन सिंह, सीताराम, सुभाष ग्रोवर, शिव चरण, हरीश चंद, एपी. गौड़, राम सागर सिंह, शिवचंद्र, विनीत, राधेश्याम, ताराचंद, मोतीलाल, चौपाल सिंह और हरीनाथ धीमान सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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