हरिद्वार। पूर्वांचल उत्थान संस्था की ओर से छठ की तैयारियों में जुटे आचार्य उद्धव मिश्रा ने बताया कि छठ पूजा में खरना का अर्थ है शुद्धता और यह नहाय खाय के अगले दिन मनाया जाता है। इस दिन अंतर मन की स्वच्छता पर जोर दिया जाता है।
खरना छठ पूजा के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक हैं। ऐसा कहा जाता है, इसी दिन छठी मैया का आगमन होता है। इसके बाद व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाता है। बताया कि नहाय खाय के साथ छठ महापर्व की शुरुआत हो चुकी है।