हरिद्वार। पथरी के जंगल से अक्सर हाथी, नील गाय, अजगर, मगरमच्छ, सांभर, हिरन, सुअर, बारहसिंघा और गुलदार गांवों तक पहुंच रहे हैं। जंगल का क्षेत्रफल घटने के साथ ही जंगलों में आवाजाही भी जानवरों को बाहर निकलने पर मजबूर कर रही है। वन प्रभाग के पास जंगली जानवरों को जंगलों में रोकने का कोई ठोस उपाय नहीं है।
बलवंत सिंह, गबरू, सलीम अहमद, दलीप राणा, इरशाद अली, राजबीर, विजय सैनी का कहना है कि आबादी में आने पर जंगली जानवरों को अक्सर पालतू कुत्ते हमला कर घायल कर देते हैं। इसमें कई बार जानवर की मौत तक हो जाती है। पथरी क्षेत्र में पिछले कुछ समय से जानवरों के आबादी में घुसने की घटनाएं आम हैं। गांव डोगीवाला, टिहरी डोबनगर, इब्राहिमपुर, पुरषोत्तमनगर, सुभाषगढ़ में गुलदार का खौफ है।